न्यूज डेस्क: वैसे तो हिंदू धर्म हर महीने का अपना महत्व होता है, परंतु मलमास के महीने का महत्व सबसे अधिक है। आज से इस महीने का आगमन हो चुका है, जो 16 अगस्त तक जारी रहेगा। यह महीना Adhik Maas या Purushottam Maas के नाम से भी जाना जाता है। खासकर, इस महीने में शादी-विवाह और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, और भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं।

ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्रमास के 32 महीने होते हैं और सौरमास के 33 महीने होते हैं। इस वजह से हर 3 साल में दोनों के बीच 1 महीने का अंतर आता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है। इस साल नव संवत्सर के हिसाब से 13 महीने होने वाले हैं।

अधिक मास के महीने में भगवान को समर्पित माना जाता है। इस महीने में भगवान विष्णु के साथ-साथ उनके अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इसी वक्त भगवान भोलेनाथ की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। इस महीने में तीर्थ-स्नान, प्रवचन, सत्यनारायण का पाठ, और ध्यान करने से भी काफी लाभ होता है।

यह विशेष महीना हिंदू समुदाय में धार्मिक अनुष्ठानों का महत्वपूर्ण समय होता है, विशेषकर भगवान विष्णु की भक्ति करने वाले इसे धैर्य से मनाते हैं। इस महीने के आवागमन के साथ ही, उन्हें भगवान की पूजा और आराधना में अधिक शक्ति और समर्थन प्राप्त होता है।

 

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