Ambala Cantt: चाहे कोई पुल हो या कोई अंडरपास ये हमेशा बनाए ही इसलिए जाते हैं, ताकि आमजन की मुश्किलें आसान की जा सकें। इसी कड़ी में अंबाला-नई दिल्ली मेन लाइन पर लोगों की परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से एक अंडरपास का निर्माण किया गया था। जिसका काम अंबाला छावनी की मेन मार्किट को रेलवे कालोनी,चंद्रपुरी कॉलोनी, सुंदर नगर आदि से बिना रेलवे लाइन पार किए आने-जाने की सुविधा प्रदान करना था।

परंतु इसे देख कर ऐसा प्रतीत होता है कि, यह सुविधा प्रदान करने के लिए नहीं बल्कि परेशानियाँ खड़ी करने के उद्देश्य से बनाया गया है। जब से इसका निर्माण हुआ है तभी से इसमे जलभराव की समस्या आती रही है। थोड़ी देर की बारिश से ही इसमे इतना पानी जमा होता है कि, इसका यातायात ही ठप्प पड़ जाता है।

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हालांकि इसके पानी को निकालने के लिए रेलवे प्रशासन ने जरूरी इंजम कर रखे हैं लेकिन हर बार की तरह ये सब नाकाफ़ी साबित होते है। कभी-कभी तो पानी दिनों दिनों तक भर रहता है। इसमे तो बारिश न होने पर भी पानी की समस्या बनी रहती है चाहे इसकी छत्त हो या इसकी दीवारें इनमे से हमेशा पानी रिसता रहता है।

कुछ ऐसा ही मामला बीते दिनों देखने को मिला जब जिले मे हुई कई दिनों की भारी बारिश के कारण इसकी एक दीवार का हिस्सा ढह गया। और इसमे ऊपर तक पानी भर गया वो अलग। जिसे निकालने मे काम से काम 5 दिन का समय लगा जो कि समझ से परे है।

पानी निकालने के बाद आई एक और समस्या जब पानी के बाद बचे कीचड़ ने राहगीरों का आनाजाना दुश्वार कर दिया इसके साथ ही ढही दीवार के अवशेष जिसने लगभग पूरा रास्ता ही ब्लॉक कर दिया है। जिस रास्ते से पहले तीन-चार वाहन आराम से निकाल जाते थे वह से आज एक वाहन निकलना मुस्किल हो रहा है।

हैरानी की बात तो ये है कि, इस घटना को हुए लगभग 10 दिन बीत चुके है लेकिन प्रशासन है कि अभी तक कुंभकरण की नींद मे सोया हुआ है। टूटी दीवार को ठीक करना तो दूर उसके मलबे तक को ख़बर लिखने तक हटाया नहीं जा सका है। जिस अंडर पास की वजह से मात्र 100 मीटर और 5 मिनट मे बाजार जाया जा सकता था। आज उसी अंडर पास की वजह से लोगों को एक से दो किलोमीटर ज्यादा चल कर मार्किट जाना पड़ रहा है। और प्रशासन है कि जिसे ये आमजन की यह समस्या दिखाए नहीं दिखती।

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