arvind kejriwal

दिल्ली के मुख्यमंत्री arvind kejriwal की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही इसी कड़ी में ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में उन्हे पेश होने को कहा था जिसपर उन्होंने ईडी के इस समन को भी गैरकानूनी बताते हुए पेश होने से इनकार कर दिया है।

Arvind Kejriwal
Arvind Kejariwal

 

नई दिल्ली, मनीष कुमार : आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री arvind kejriwal ने दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में भी प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होने से इनकार कर दिया है। जिसपर आम आदमी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईडी द्वारा भेजे गए इस समन को भी गैरकानूनी बताया है। ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड में कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में रविवार को केजरीवाल को पीएमएलए की धारा 50 के तहत समन भेजकर सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया था।

जिसपर आम आदमी पार्टी ने सोमवार को कहा कि दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक arvind kejriwal आज ईडी के सामने पेश नहीं होंगे। आप ने कहा कि ईडी के समन अवैध हैं। जब केजरीवाल को कोर्ट से जमानत मिल गई है तो ईडी बार-बार समन क्यों भेज रही है?

 

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 50 के तहत समन जारी किया है। ईडी दिल्ली जल बोर्ड में अवैध टेंडरिंग और अपराध की कथित आय की जांच कर रही है।

आखिर क्या है, डीजेबी घोटाला:-

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सूत्रों के अनुसार ईडी द्वारा दायर यह नया केस भी सीबीआई की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें तकनीकी पात्रता मानदंड पूरे न होने पर भी डीजेबी की ओर से एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी को 38 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया तथा उनमे  में अनियमितताओं का आरोप है। इस मामले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किए गए लोगों में डीजेबी के पूर्व मुख्य अभियंता जगदीश कुमार अरोड़ा और ठेकेदार अनिल कुमार अग्रवाल शामिल हैं।

जबकि ईडी ने दावा किया कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने जाली दस्तावेज जमा करके कॉन्ट्रैक्ट हासिल और अरोड़ा को इस तथ्य की जानकारी थी कि कंपनी तकनीकी योग्यताएं पूरी नहीं करती है। डीजेबी मामले में, ईडी ने दावा किया है कि दिल्ली सरकार के विभाग द्वारा दिए गए ठेका में भ्रष्टाचार के माध्यम से प्राप्त धन दिल्ली की सत्तारूढ़ पार्टी ‘आप’ को कथित तौर पर चुनावी फंड के रूप में भेजा गया था।

यह दूसरा मामला है जिसमें ‘आप’ पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है। ईडी ने दावा किया है कि 2021-22 की शराब नीति से अर्जित धन का इस्तेमाल पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए किया था।

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