Chandigarh: हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने चंडीगढ़ में अपना अलग विधानसभा भवन निर्माण करने की कोशिश के बारे में चर्चा की इस योजना के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस जैसे दलों ने विरोध किया है। हरियाणा सरकार ने पंजाब के नेताओं को दोहराया है कि उनका हर विषय में हरियाणा का विरोध करने का एक मानसिक तय हो रहा है। वे बताते हैं कि पंजाब के नेता हर तरह से हरियाणा के प्रगति को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

विधानसभा भवन के लिए पंजाब ने 10 एकड़ जमीन की मांग की थी, जिसके विरुद्ध हरियाणा ने 12 एकड़ जमीन की पेशकश की थी। हरियाणा सरकार इस फैसले का समर्थन करती है क्योंकि उन्हें विधानसभा और समितियों के लिए अधिक स्थान की जरूरत है। पंजाब विधानसभा में विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने केंद्र को इस मामले में कमजोर बताया है और राज्यपाल को पंजाब के अधिकारों की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी दी।

हरियाणा सरकार ने अपने 2023-24 के बजट में चंडीगढ़ में एक अलग विधानसभा भवन के लिए 50 करोड़ रुपये का अनुदान भी किया था। इस कदम पर पंजाब में राजनीतिक दलों ने तेजी से प्रतिक्रिया दी थी। हमें देखना होगा कि इस विवाद का आगाज किस दिशा में होता है और भविष्य में इसका समाधान कैसे होता है।

 

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