बेंगलुरू:  शाम के 6 बजकर 4 मिनट पर भारत और इसरो के चंद्रयान-3 के लैंडर ने चांद के दक्षिण ध्रुव पर कदम रखते हुए ही इतिहास रच दिया है। उसने लगभग 20 मिनट में चंद्रमा की अंतिम कक्षा से 25 किमी का सफर पूरा किया। जिसके बाद लैंडर को धीरे-धीरे नीचे उतारा गया।

आपको बताया दें कि शाम 5 बजकर 30 मिनट पर इसरो ने चंद्रयान-3 की रफ लैंडिंग की जो कि बेहद कामयाब रही। जिसके बाद शाम 5 बजकर 44 मिनट पर लैंडर ने वर्टिकल लैंडिग की। तब उसकी चंद्रमा से दूरी 3 किमी रह गई थी। और फिर आखिरकार लैंडर ने शाम 6 बजकर 04 मिनट पर चांद पर पहला कदम रखा। इस तरह भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया।

तथा चांद के किसी भी हिस्से में यान उतारने वाला भारत चौथा देश बन गया है। इससे पहले सिर्फ अमेरिका, सोवियत संघ और चीन को ही यह कामयाबी हासिल की है।

इसके साथ ही अब सभी को विक्रम लैंडर से प्रज्ञान रोवर के बाहर आने का इंतजार है। जो कि धूल का गुबार शांत होने के बाद ही बाहर आएगा। जिसमे करीब 1 घंटा 50 मिनट का समय लगेगा। जिसके बाद विक्रम और प्रज्ञान एक-दूसरे की फोटो खींचेंगे और पृथ्वी पर भेजेंगे।

मोदी बोले- चंदा मामा के दूर के नहीं, एक टूर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़कर वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा- यह क्षण भारत के सामर्थ्य का है। यह क्षण भारत में नई ऊर्जा, नए विश्वास, नई चेतना का है। अमृतकाल में अमृतवर्षा हुई है। हमने धरती पर संकल्प लिया और चांद पर उसे साकार किया। हम अंतरिक्ष में नए भारत की नई उड़ान के साक्षी बने हैं। नया इतिहास बनते ही हर भारतीय जश्न में डूब गया है। पहले कहा जाता था कि चंदा मामा बहुत दूर के हैं। एक दिन ऐसा आएगा कि बच्चे कहेंगे चंदा मामा बस टूर के हैं।

लैंडिंग के बाद अब क्या होगा?

  • डस्ट सेटल होने के बाद विक्रम चालू होगा और कम्युनिकेट करेगा।
  • फिर रैंप खुलेगा और प्रज्ञान रोवर रैंप से चांद की सतह पर आएगा।
  • पहिए चांद की मिट्‌टी पर अशोक स्तंभ और ISRO के लोगो की छाप छोड़ेंगे।
  • विक्रम लैंडर प्रज्ञान की फोटो खींचेगा और प्रज्ञान विक्रम की। ये फोटो वे पृथ्वी पर भेजेंगे।

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