नई दिल्ली,20 सितंबर : देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गोली मार कर उनकी हत्या करने के बाद वर्ष 1984 में देशव्यापी सिख विरोधी दंगे हुए जिनकी आंच में दिल्ली सबसे ज्यादा झुलस। इन्ही दंगों से जुड़े दिल्ली के सुल्तानपुरी में 6 सिख लोगों की उस समय हुई हत्या के मामले पर राउज एवेन्यू अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। जिसमने अदालत ने मामले के सभी आरोपी जिसमें कांग्रेस के नेता सज्जन कुमार भी शामिल हैं, समेत चार अन्य आरोपियों को बारी कर दिया है। गौरतलब है कि, इस मामले में सज्जन कुमार पर भीड़ को उकसाने का आरोप था।

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दरअसल राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश एम. के. नागपाल वाली पीठ की अदालत ने 1984 के दंगों में भीड़ को उकसाने व अन्य आरोपों के तहत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार सहित अन्य आरोपियों को बरी करते हुए कहा अभियोजन पक्ष उन पर आरोप साबित करने में नाकाम रहा है।

आपको बता दें कि इस मामले में पहले भी कड़कड़डूमा अदालत ने करीब 13 साल पहले जुलाई 2010 में सज्जन कुमार, ब्रह्मानंद, पेरु, कुशल सिंह और वेद प्रकाश के खिलाफ सिख विरोधी दंगों के दौरान सुल्तानपुरी में छह सिखों की हत्या के मामले में आरोप तय कर दिए थे।

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जिसके बाद से ही इस मामले में सज्जन कुमार जमानत पर थे। जबकि अन्य मामलों में सज्जन कुमार फिलहाल जेल में हैं। इसके साथ ही वे दंगों के एक और मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में उम्रकैद की सजा भी काट रहे हैं।

क्या है मामला?

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आपकी जानकारी के अनुसाए बताया दें कि यह मामला दिल्ली के सुलतानपुरी इलाके में दो नवंबर 1984 को पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी कि हत्या के बाद भड़के सिख विरोधी दंगों से जुड़ा हुआ है। जिसमें एक गवाह “चाम कौर” ने अपने बयान दर्ज कराए थे कि, उसने इन दंगों के दौरान सज्जन कुमार को दंगाई भीड़ को उकसाते देखा। जिसके बाद भीड़ ने सिखों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी। परन्तु अब अदालत ने माना कि एक भी ऐसा सबूत सामने नहीं आया है जो कि कांग्रेस नेता सज्जन सिंह के ऊपर लगाए आरोपों को को साबित करता हो।

 

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