delhi excise policy case

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने नोटिस भेजकर 2 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया। आपको बता दें कि, ईडी दिल्ली की नई शराब नीति मामले (Delhi liquor policy case) में अरविंद केजरीवाल से पूछताछ करेगी

Delhi liquor policy case

नई दिल्ली, मनीष कुमार(Delhi Excise Policy Case): आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। delhi excise policy case में एक एक कर आप के कई दिग्गज नेता फँसते जा रहे हैं। पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन उनके बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया फिर आप के राज्यसभा के सांसद संजय सिंह से ईडी ने पूछताछ कर उन्हे गिरफ्तार किया।

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इनके बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि अब ईडी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है और अब उन्हे भी ईडी द्वारा 2 नवंबर को पूछताछ के लिए समन भेज जा चुका है। आपको बता दें कि इससे पहले सीबीआई भी अप्रैल महीने में अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए बुला चुकी है।

आखिर क्या है, दिल्ली शराब नीति घोटाला (Delhi Excise Policy Case)?

दरअसल दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग के प्रमुख रहते हुए मनीष सिसोदिया ने मार्च 2021 में नई एक्साइज पॉलिसी का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा था कि, नई नीति के तहत शराब की बिक्री में सरकार की कोई भूमिका नहीं होगी। जिसके बाद शराब को सिर्फ निजी दुकानों को ही बेचने की अनुमति होगी जिसके लिए न्यूनतम 500 वर्ग फ़ुट क्षेत्र में दुकानें खोली जाएंगी और दुकान का कोई भी काउंटर सड़क पर नहीं होगा। शराब की दुकानों का सामान दिल्ली में बेचा जाएगा, नई नीति से उन्होंने रेवेन्यू में 1500-2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई थी। नई नीति में कहा गया था कि दिल्ली में शराब की कुल दुकाने पहले की तरह 850  ही रहेंगी। दिल्ली की नई शराब बिक्री नीति के तहत, शराब की होम डिलीवरी और दुकानों को सुबह 3 बजे तक खुले रहने की परमिशन दी गई है। लाइसेंसधारी शराब पर असीमित छूट भी दे सकते हैं. इसके बाद नवंबर 2021 में नई शराब नीति लागू कर दी गई थी।

 

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दिल्ली सरकार की ये नीति जल्द ही मुश्किल में पड़ गई। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मामले में गड़बड़ी का अंदेशा जताया। जुलाई 2022 में दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर मनीष सिसोदिया पर नियमों को तोड़ने-मरोड़ने और शराब के लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ प्रदान करने का आरोप लगाते हुए, राज्यपाल ने सीबीआई जांच के आदेश दिए. जिसके बाद सीबीआई ने 19 अगस्त को मनीष सिसोदिया के घर पर छापेमारी की थी।

मनीष सिसोदिया समेत इन नेताओं से हो चुकी है, पूछताछ:-

Delhi Excise Policy Case में सीबीआई पहले से ही सिसोदिया के घर समेत 31 जगहों पर छापेमारी कर चुकी है जिसके बाद मनीष सिसोदिया ने कहा था कि जांच में कुछ भी नहीं मिला। लेकिन फिर भी 27 फरवरी को करीब 8 घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई ने सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया था। मनीष सिसोदिया से पहले भी जांच एजेंसी विजय नायर, समीर महेंद्रू और अभिषेक बोइनपल्ली को गिरफ्तार कर चुकी थी तथा यह चौथी गिरफ्तारी थी।

इसी बीच ईडी ने भी अलग से मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए एक जांच शुरू की और उन्होंने दावा किया था कि “साउथ ग्रुप” नामक एक शराब लॉबी ने गिरफ्तार व्यवसायियों में से एक के माध्यम से आम आदमी पार्टी को रिश्वत में कम से कम 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। 9 मार्च को ईडी ने तिहाड़ जेल में सिसोदिया से लंबी पूछताछ के बाद उनको गिरफ्तार कर लिया था।

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आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहती है केंद्र सरकार- सौरभ भारद्वाज

अरविंद केजरीवाल को मिले ईडी के समन पर आप नेता और दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि केंद्र सरकार का एक ही मकसद है कि किसी भी कीमत पर आम आदमी पार्टी को खत्म कर देना और इसके लिए वो कोई भी कसर नहीं छोड़ रही है. भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी की सरकार चाहती है कि कैसे, किसी भी तरह से फर्जी केस बनाकर अरविंद केजरीवाल को जेल में बंद किया जाए और आम आदमी पार्टी को खत्म किया जाए।

 

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