चंडीगढ़,15 सितंबर,Dial 112 Haryana: अमरीका में यदि आपको किसी भी प्रकार की सहायता चाहिए होती है तो आपको बस 911 डायल करना है और सहायता आप तक पहुँच जाती है, लेकिन भारत में हमारे पास अलग अलग आपदाओं के लिए अलग अलग नंबर दिए गए है जैसे पुलिस के लिए डायल 100, एम्बुलेंस के लिए अलग, इसी प्रकार फायर ब्रिगैड के लिए भी अलग लेकिन अब अमरीका और अन्य देशों कि तर्ज पर हरियाणा ने भी पहल कर दी है

जिसका मतलब है कि, हरियाणा के लोग अब किसी भी प्रकार के अपराध, आगजनी, प्राकृतिक आपदा अथवा दुर्घटना की जानकारी अलग अलग नबरों पर देने कि जगह एक ही नंबर डायल 112 पर देकर मदद प्राप्त कर सकते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में डायल 112 सेवा को शुरू हुए अभी कुछ ही साल हुए है जिसमें नागरिकों को तत्काल आपातकालीन सहायता प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सरकार ने डायल 112 सुरक्षा प्रणाली शुरू कर रखी है।

आपको बता दें कि यह एक ऐसी सुरक्षा प्रणाली है, जिसमें अभी तक की सभी आपातकालीन सेवाओं को एक ही नंबर से जोड़ दिया गया। है। प्रदेश सरकार ने इसे “आल इन वन सुरक्षा प्रणाली” का नाम दिया है। डायल 112 नंबर के साथ राज्य सरकार ने 100, 101 और 108 नंबरों पर दी जाने वाली सेवाएं भी शामिल कर दी हैं।

 

हरियाणा सरकार ने पुलिस की कार्यप्रणाली में दक्षता व सुधार लाने तथा आपात स्थिति में नागरिकों को त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से जुलाई 2021 में डायल 112 सेवा आरंभ की थी। इस इमरजेंसी सेवा के प्रति लोग भी निरंतर जागरूक हो रहे हैं, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक इस प्रणाली पर 86 लाख से भी अधिक प्राप्त हुई हैं।

 

● डायल 112 इमरजेंसी सेवा के माध्यम से अब तक की जा चुकी है मदद के लिए 86 लाख काल

● तीन मिनट से आठ मिनट के भीतर मदद के लिए मौके पर पहुंची पुलिस की गाड़ी

 

डायल 112 का उद्देश्य संकट के समय त्वरित मदद प्रदान करना-

इसके बारे मे अधिक जानकारी देते हुए हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि डायल 112 का मुख्य उद्देश्य नागरिकों संकट के समय त्वरित मदद प्रदान करना है। हरियाणा में इस नंबर से प्रदेश की अढाई करोड़ से ज्यादा जनसंख्या 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं प्राप्त कर सकती है। कोई भी नागरिक जुड़कर मदद की मांग कर सकता है। संकट के समय 112 प्रणाली से तुरंत बनाने पर फोकस किया गया और इसका डायल 112 आपातकालीन त्वरित सहायता प्रणाली के माध्यम से स्मार्ट को  पुलिस की दिशा में ठोस पहल की गई है। मुख्यमंत्री अब तक आठ जिलों में जनसंवाद कार्यक्रम करचुके हैं। वे लोगों से बातचीत के दौरान, डायल 112 की सेवाओं के बारे में भी शत्रुजीत कपूर। जानकारी प्राप्त करते हैं। नागरिकों जागरण आर्काइव ने मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान डायल 112 के प्रति संतोष जाहिर किया है। एडीजीपी एएस चावला के नेतृत्व में मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गृह  मंत्री अनिल विज की देखरेख में इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने में सफलता वर्ष 2018 में गुवाहाटी में आयोजित प्राप्त की गई थी।

इस बार पुलिश और आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों में ऐसे उपकरण लगाये गये है जो मुसीबत के दौरान तलाश करने में उन्हे आसानी हो। जिनकी किसी भी इमरजेंसी के भी आपातकालीन सूचना के प्राप्त डायल 112 सेवा के संचालन समय जरूरत पड़ती है। ये वाहन होने पर यह वाहन औसतन 8 मिनट हेतु स्टाफ के अलावा 630 वाहन वायरलेस और जीपीएस युक्त हैं, तक घटनास्थल पर पहुंचने का दावा पूरे प्रदेश में तैनात किए गए हैं, ताकि घटना की जगह के रास्ते करते हैं।

 

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