हरियाणा में मॉनसून अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। रह-रहकर आ रही बारिश प्रदेश वासियों के लिए परेशानियाँ पैदा कर रही हैं। सोमवार को की जिलों में हुई बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक चार और लोगों की मौत हो गई। जिलों में बहुत नुकसान को देखते हुए प्रदेश सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी ला दी है। अभी प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित हुए इलाकों की संख्या 1,378 गांवों और 1.67 लाख हेक्टेयर फसल क्षेत्र है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों से तक़रीबन 6,477 लोग निकाले गए हैं, जिनमें से 3,078 लोग राज्य में विस्थापित कर राहत शिविरों में अस्थायी आश्रय प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही, बाढ़ से 134 घरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया है, जबकि 268 घरों में आंशिक क्षति हुई है।

बाढ़ से संबंधित घटनाओं में अब तक मरने वालों की संख्या 34 हो गई है। जिसमे अंबाला, फतेहाबाद, फरीदाबाद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पंचकुला, पलवल, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर जैसे कई जिलों में बाढ़ का असर देखा गया है।

राज्य सरकार ने बाढ़ से जुड़ी स्थिति के संबंध में जनता की सुरक्षा और सुविधा ध्यान में रखते हुए सक्रिय रूप से काम किया है। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें लोगों को खाने की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है। सरकार अधिकारियों ने राहत कार्यों को नियंत्रित करने के लिए संबंधित स्थानों पर निगरानी रखी है।

इसके अलावा, जनता को बाढ़ के जोखिमों के बारे में जागरूक किया जा रहा है ताकि वे सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और किसी भी आपदा से पहले अपनी जान बचा सकें। सरकार ने अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नए प्रयास किए हैं।

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