पूरे प्रदेश ने पिछले दस दिनों में पानी का जो तांडव देखा है, वह पिछले कई दशकों मे नहीं देखा। लेकिन अब प्रदेशवासियों के लिए राहत के आसार नजर आ रहें है। क्योंकि अब हरियाणा से होकर बहने वाली प्रमुख नदियों के जलस्तर मे कमी देखने को मिल रही है फिर चाही घगगर हो या फिर टँगरी या फिर यमुना सभी फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।

जिसकी वजह से अब प्रदेशवासियों को राहत आई है। जबकि प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जोरो-शोरों से चलाया हुआ है इसमे मुख्य रूप से पानी की निकासी का काम है जिसे सबसे पहले किया जा रहा है। इसी दिशा मे हाल ही मे हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आला अधिकार्यों से मीटिंग कर राहत कार्य संबंधी जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं।

फिलहाल प्रशासन ने पूरे प्रदेश में कुल 61 गवों को संवेदनशील के रूप मे चिन्हित किया है,जहां सभी बचाव कार्य जोरों-शोरों पर किया जा रहा है। लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए इन गांव में स्वास्थ्य टीमों के द्वारा मेडिकल केंप लगाए जा रहे है ताकि लोगों को डायरिया जैसी दूषित पानी और बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके।

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जबकि पानीपत में फिलहाल यमुना नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, पहले के मुकाबले अब यह 231.25 मीटर पर बह रही है। आपको बताते चलें की अभी भी की ऐसे गाँव है जो यमुना के पानी से आई बाढ़ से प्रभावित है जिनमे अभी भी बचाव कार्य किया जा रहा है

 

वहीं दिल्ली में यमुना का जलस्तर अभी भी बढ़ा ही हुआ है। जिसकी वजह से वहाँ के हालात अभी भी बाढ़ जैसे बने हुए है। हालांकि अब यमुना के जलस्तर मे थोड़ी कमी देखने को मिली है, लेकिन दिल्ली के अधिकतर इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुसा हुआ है।

इसके साथ ही हरियाणा में अभी भी बारिश के आसार नजर आ रहे है, मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकतर इलाकों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया जा चुका है। जिनमें अंबाला यमुनानगर सहित उत्तरी हरियाणा के अधिकतर जिले शामिल हैं।

 

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