नई दिल्ली,19 सितंबर : भारत और कनाडा के बीच एक मुद्दा हमेशा रहता है जिसके चलते दोनों के रिश्तों में हमेशा से ही खट्टास रही रही इसी को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में कनाडा ने भारतीय राजनयिक को देश से निकलने का आदेश जारी किया।  जिसके जवाब में भारत ने भी कड़ा ऐक्शन लेते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने कनाडा के राजदूत को तलब इस विषय पर जवाब मांगा इसके साथ ही एक सीनियर डिप्लोमैट को भी तुरंत देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। जिसके लिए कनाडा के डिप्लोमैट को अगले 5 दिनों का समय दिया गया है जिसके अंदर भारत से लौटने को कहा गया है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत विदेश मंत्रालय ने कनाडा के जिस राजनयिक को देश से बाहर जाने को कहा है, उसका नाम “ओलिवियर सिल्वसटेर” है। ओलिवियर भारत में कनाडा की खुफिया एजेंसी के स्टेशन चीफ हैं। भारत सरकार ने यह कहते हुए ये कदम उठाया है कि, कनाडा अपनी धरती पर खालिस्तानियों की हरकतों पर लगाम लगाने में असफल रहा है। इसके साथ ही वह खुलेआम उनकी तरफदारी भी कर रहा है।

डिप्लोमैट को देश से निकालने का आदेश जारी करने से पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडा के राजदूत “कैमरून मैकके” को तलब किया था। जिसके दौरान उन्हें बताया गया कि कनाडा के एक सीनियर डिप्लोमैट को देश से निकाला जा रहा है। तथा उन्हें भारत छोड़ने के लिए अगले 5 दिन का समय दिया जाएगा।

कैमरून मैके

आमतौर पर रिश्ते खराब होने पर  जब भी कोई देश किसी के राजनयिक को बाहर निकलता है तो बदले में दूसरे देश की ओर से भी ऐसा ही कदम उठाया जाता है। इसको लेकर विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया, ‘भारत में कनाडा के उच्चायुक्त को आज तलब किया गया था। इसी दौरान उन्हें बताया गया कि भारत सरकार ने कनाडा के एक डिप्लोमैट को देश से बाहर निकालने का फैसला लिया है। संबंधित डिप्लोमैट को 5 दिन में देश से निकलने को कहा गया है।’

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गौररतलब है कि खालिस्तानी मामले पर पीएम नरेंद्र मोदी ने जी-20 सम्मेलन के दौरान कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात में आपत्ति जताई थी। हालांकि जस्टिन ट्रूडो जब कनाडा पहुंचे तो उनके तेवर ही बदले नजर आए। अपने देश पहुंचकर ट्रूडो ने संसद में दावा किया कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मामला उठाया था। भारत निज्जर को खालिस्तानी आतंकी मानता रहा है, लेकिन उसकी हत्या में किसी भी तरह से हाथ होने से इनकार किया था। वहीं कनाडा के पीएम ने कहा था कि हमारे पास इसके पुख्ता सबूत हैं कि निज्जर की हत्या से भारतीय एजेंसियों का लिंक था।

 

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