चार साल की कड़ी मेहनत के बाद आज इसरो के वैज्ञानकों ने देश का तीसरा मिशन Chandrayaan-3 को लॉन्च कर दिया है, जिसके बाद यह अपनी 3.84 लाख किलोमीटर की लगभग 42 दिन की रोमांचक और लंबी यात्रा पर निकल चुका है। आपको बताते चलें की यह 23 या 24 अगस्त के बीच किसी भी समय यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर मैंजिनस-यू (Manzinus-U) नाम के क्रेटर के पास लैन्डिंग करेगा।

भारत ने एक बार फिर से दुनिया को दिखा दिया की उसकी स्पेस एजेंसी इसरो कितनी काबिल है मात्र चार सालों में चंद के लिए एक नया मिशन तैयार कर उसे सफलतापूर्वक लॉन्च कर देना यह सच मे उपलब्धि ही है और इसरो इसे अपने होनहार वैज्ञानिकों के कठिन प्रयासों के दम पर ही हासिल कर पाया है।

इसरो (ISRO) ने चंद्रयान-2 मिशन के बाद अपने तीसरे चंद्रयान मिशन, Chandrayaan-3 की सफलतापूर्वक launch कर पहले पड़ाव को पार कर लिया है। दूसरे पड़ाव में यह चाँद की ओर अपनी यात्रा पर 42 दिनों के सफर के लिए निकाल चुका है। अब इसरो के वैज्ञानिक अगले 42 दिनों तक दूसरे पड़ाव को हासिल करने और इस मिशन को सफल बनाने के लिए लगातार संपर्क बनाए रखेंगे और समय समय पर मिशन की प्रोग्रेसस को मॉनीटर करेंगे।

https://new-img.patrika.com/upload/2019/09/07/chandrayaan_2_isro.jpg

इसरो ने इस बार Chandrayaan-3 मिशन को अपने फैट बॉय कहे जाने वाले सबसे पवरफुल LVM3 रॉकेट की सहायता से 170X36,500 किलोमीटर वाली अंडाकार जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट(GTO) है। पिछली बार चंद्रयान-2 के समय 45,575 किलोमीटर की कक्षा में भेजा गया थ। इस बार यह कक्षा इसलिए चुनी गई है ताकि चंद्रयान-3 को ज्यादा स्थिरता प्रदान की जा सके।

https://akm-img-a-in.tosshub.com/aajtak/inline-images/chandrayaan-route.jpg

 

इसरो के अध्यक्ष डॉ. के. शिवन ने विद्युतीय गाड़ियों के प्रक्षेपण की सफलता के साथ भारत की अंतरिक्ष क्षमता को सुधारने के लिए उनके दृष्टिकोण पर भरोसा जताया है। उन्होंने यह भी बताया कि Chandrayaan-3 मिशन एक समृद्ध और व्यापक अंतरिक्ष विज्ञानी सहयात्री होगी।

https://akm-img-a-in.tosshub.com/aajtak/images/breaking_news/202307/whatsapp-image-2023-07-14-at-4.22.49-pm-sixteen_nine.jpeg?size=900:504

Chandrayaan-3 मिशन की शुरुआत अगस्त 2023 में होने की योजना है। मिशन के लॉन्च के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन अधिकृत तैयारियों में लगा हुआ है। चांदेरयान 3 मिशन के माध्यम से, भारत अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाएगा और अंतरिक्ष में अपनी मौजूदगी को मजबूती के तौर पर भारत को नया रूप मिलेगा।

अधिक खबरों के लिए जुड़े रहें www.haryanakikhabar.com के साथ

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *