बेंगलुरू, Karnataka Bandh: कावेरी कावेरी जल विवाद जिसमे कि कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु को दिए जाना है, जिसके विरोध में शुक्रवार को Karnataka Bandh का ऐलान किया गया जिसके चलते राज्य में सामान्य जनजीवन बाधित रहने की आशंका है। कन्नड़ संगठनों और विभिन्न किसान संगठन जैसे कि, “कर्नाटक रक्षण वेदिके“, “कन्नड़ चलवली” (वटल पक्ष) समेत  ने पूरे राज्य में सुबह से शाम तक बंद का आह्वान किया है।

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इसके साथ आयोजकों ने यह भी बताया कि, शहर में टाउन हॉल से फ्रीडम पार्क तक व्यापक स्तर का जुलूस निकाला जाएगा। जिसमे हजारों की संख्या में सभी वर्ग के लोगों के भाग लेने की संभावना है। आपको ज्ञात हो कि समस्त Karnataka Bandh का आह्वान किया गया है जिसमे राजमार्ग, टोल, रेल सेवाएं और हवाई अड्डे भी बंद कराने की कोशिश की जाएगी। इसका विपक्षी दल भाजपा और जनता दल (सेक्यूलर) ने भी समर्थन किया है।

इसके साथ ही राज्य के होटलों, ऑटोरिक्शा और कार चालकों के संघों ने भी इस बंद का समर्थन किया है। वहीं राज्य के परिवहन विभाग ने सरकारी परिवहन निगमों को अपनी सेवाएं जारी रखने का निर्देश दिया है।

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ये है, कावेरी जल विवाद? (दृष्टि आईएएस)

क्योंकि कावेरी नदी कर्नाटक से निकलती है, और केरल की ओर से आने वाली प्रमुख सहायक नदियों के साथ तमिलनाडु से होकर बहती है जिसके बाद पुद्दुचेरी से होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है, इसलिये इस विवाद में कर्नाटक के अलावा भी 3 राज्य व एक केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं।

इसके अलावा यह विवाद लगभग 150 वर्ष पुरान है, यह वर्ष 1892 और 1924 में तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी तथा मैसूर के बीच मध्यस्थता के दो समझौतों से संबंधित है। जिसमें लिखा है कि, किसी भी निर्माण परियोजना, जैसे कावेरी नदी पर जलाशय का निर्माण, के लिये ऊपरी तटवर्ती राज्य को निचले तटवर्ती राज्य की अनुमति लेना अनिवार्य है। फिर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल विवाद 1974 में शुरू हुआ जब कर्नाटक ने तमिलनाडु की सहमति के बिना पानी मोड़ना शुरू कर दिया।

कई वर्षों के बाद इस मुद्दे को हल करने के लिये सन 1990 में कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण की स्थापना की गई। 17 वर्षों के बाद CWDT ने अंततः वर्ष 2007 में एक अंतिम निर्णय जारी किया जिसमें कावेरी जल को चार तटवर्ती राज्यों के बीच विभाजित करने के बारे में बताया गया। इसमें निर्णय लिया गया कि संकट के वर्षों में जल का बँटवारा आनुपातिक आधार पर किया जाएगा।

चार राज्यों के मध्य जल का आवंटन इस प्रकार है: तमिलनाडु- 404.25 TMC, कर्नाटक- 284.75 TMC, केरल- 30 TMC, और पुडुचेरी- 7 TMC।

 

Karnataka Bandh के चलते शिक्षण संस्थानों में भी छुट्टी घोषित-

 

शुक्रवार को बेंगलुरु प्रशासन ने शहर के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। बेंगलुरु शहर जिला उपायुक्त केए दयानंद ने कहा, ‘कई संगठनों की तरफ से घोषित कर्नाटक बंद के चलते छात्रों के हितों के देखते हुए बेंगलुरु शहर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है।’

 

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इसके साथ राज्य के मांड्या जिले में सुरक्षा के मद्देनजर धारा 144 भी लगाई गई है। जिसके बारे में जिला कलेक्टर ने बताते हुए कहा है कि, यहां कल भी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। आपको बता दें कावेरी नदी के मुद्दे को लेकर कर्नाटक में जमकर विरोध प्रदर्शन जारी है। तथा कावेरी वॉटर मैनेजमेंट अथॉरिटी और कावेरी वॉटर रेग्युलेशन कमेटी  ने भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया है।

 

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इस सब से अलग शुक्रवार की सुबह से ही कर्नाटक में कन्नड़ समर्थक संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है।

 

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