शाहाबाद उपमंडल के से गुजरती मारकंडा नदी ने पिछले 24 घंटों से इलाके मे तबाही मचाई हुई है हालत अभी सुधारते नजर नहीं आ रहे है क्योंकि हाल ही में इसमे 52 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ गया है जिससे इसके आसपास के दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसे हालात अभी भी बने हुए है। वहीं जिले के लाडवा व पिहोवा खंडों के कुछ गांवों की हालत भी चिंताजनक है। जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट पर रहते हुए अपने सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की छुट्टियां रद्द करते हुए बाढ़ नियंत्रण कक्ष व व्हाट्सएप फ्लड ग्रुप भी बनाए गए है।

       मारकंडा नदी में 52 हजार क्यूसेक पानी से बढ़ा जल स्तर

किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को अगर छुट्टी लेनी होगी। तो वह हेड क्वार्टर बिना उपायुक्त की मंजूरी के नहीं छोड़ सकता। इसमे 66 पटवारियों जूनियर इंजीनियर व लिपिकों की बाढ़ की आशंका के मद्देनजर ड्यूटी लगाई गई है। वे उपायुक्त कार्यालय को रिपोर्ट करेंगे। इसके अलावा पटवारी कानूनगो ग्राम सचिव अपने-अपने गांव की रिपोर्ट उचित माध्यम से भिजवा आएंगे। एक फ्लड कंट्रोल व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। जिसमें सभी जानकारियां समझा कि जाएंगे थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने भी कहा कि बरसात के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट पर है और वह खुद भी दौरा करेंगे। ताकि लोगों को दिक्कत ना हो।

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