हरियाणा,17 सितंबर :  हरियाणा के पलवल में “विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय” में आयोजित हुए राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश व देशवासियों को बधाई देते राज्य के श्रमिकों के लिए उनके खजाने के दरवाजे खोलते हुए उनके कल्याण के लिए अनेक घोषणाएं की।

समारोह में उन्होंने कहा कि अभी तक बेटों व बेटियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि में अंतर रहता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा बेटों व बेटियों को एक समान मानते हुए आज से उनकी सरकार ने निर्णय लिया है कि, सभी प्रकार की छात्रवृतियों की राशि बेटों तथा बेटियों को दोनों के लिए एक समान होगी।

जिसपर उन्होंने औद्योगिक श्रमिकों के बच्चों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी करने की घोषणा करते हुए बताया कि, वर्तमान में जो छात्रवृत्ति की राशि, जोकि 5000 रुपये से शुरू होकर 16000 रुपये तक दी जाती थी, वह आज से 10,000 रुपये से शुरू होकर 21,000 रुपये तक दी जायेगी।

वहीं श्रमिकों की स्नातक स्तर में शिक्षा प्राप्त कर रही बेटियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान करने के लिए 50 हजार रुपये की राशि देने और श्रमिकों को साइकिल खरीदने हेतु 3000 रुपये की राशि बढ़ाकर 5000 रुपये करने तथा महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन खरीदने हेतु 3500 रुपये की राशि बढ़ाकर 4500 रुपये करने की भी घोषणा की। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने क्रोनिक बीमारी होने पर श्रमिकों को स्वास्थ्यप्रद खान-पान हेतु 2000 रुपये प्रति माह दिये जाने की भी घोषणा की। इसके अलावा, फतेहाबाद तथा जिला गुरुग्राम के हरसरू, कादीपुर, वजीराबाद में ईएसआई डिस्पेंसरी स्थापित की जाएगी तथा हरियाणा राज्य की सभी ईएसआई डिस्पैंसरियों में ईसीजी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

श्रमिकों के लिए नग‌रों में बनेंगे 2000 फ्लैट-

इसके साथ साथ मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि, परिवार का पालन पोषण करने के लिए काम की तलाश में श्रमिकों को एक नगर से दूसरे नगर जाना पड़ता है, उन्हे ऐसा करने के दौरान समस्या न हो उसके लिए उनकी सुविधा हेतु पहले चरण में फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत व यमुनानगर में प्रत्येक जिले में 500-500 फ्लैट श्रमिकों के लिए उपलब्ध करवाये जायेंगे।

गुरु शिष्य कौशल सम्मान योजना की शुरुआत-

इसके अलावा सी एम ने घोषणा करते हुए कहा कि, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की ओर से गुरू शिष्य कौशल सम्मान योजना शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य अनौपचारिक क्षेत्र के 25,000 शिल्पकारों, कारीगरों और श्रमिकों जैसे प्लंबर, बढ़ई, राजमिस्त्री आदि की कौशल क्षमता की पहचान करना, उन्हे प्रमाणित करना और दक्ष गुरु के रूप में पहचान दिलवाना है। इस योजना के तहत 75,000 युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षुता प्रशिक्षण के लिए ट्रेड गुरुओं के साथ प्रशिक्षु के रूप में जोड़ा जाएगा।

यह योजना श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय द्वारा कार्यान्वित की जाएगी। यह योजना 5 साल के लिए होगी तथा इसका कुल बजट अनुमान 208.66 करोड़ रुपये होगा। इस अवसर पर श्रम राज्य मंत्री अनूप धानक, विधायक नयनपाल रावत, जगदीश नैय्यर, दीपक मंगला, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, कुलपति डॉ राज नेहरू, उपायुक्त नेहा सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

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