नई दिल्ली, (मनीष कुमार) Newsclick Raid को लेकर पुलिस ने न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ्तार करने के बाद उनकी वेबसाईट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तथा आगे कहा कि हमें इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि, उनके पोर्टल ने एक एजेंडा चलाया जिसमे यह दिखाने की भरपूर कोशिश हुई कि अरुणाचल प्रदेश और कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है। जिसके बाद ही उन्हे गिरफ्तार किया गया है।

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Newsclick Raid के बाद की गई उनकी गिरफ्तारी के लिए जब दिल्ली पुलिस ने रिमांड का आवेदन लगाया तब ये आरोप लगाए गए कि, उनके पास प्रबीर पुरकायस्थ और अमेरिकी टेक मुगल नेविल रॉय सिंघम के बीच ईमेल पर हुई बातचीत के सबूत मौजूद हैं। जिसमे चर्चा की गई है कि भारत का नक्शा कैसा बनाया जाए, जिसमें जम्मू कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को विवादित क्षेत्र के रूप में दिखाया जा सके।

आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को न्यूजक्लिक के संस्थापक व मालिक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ न्यूजक्लिक के एचआर प्रमुख अमित चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया था। इनकी गिरफ्तारी पुलिस द्वारा न्यूजक्लिक परिसर और न्यूज पोर्टल से जुड़े कई पत्रकारों और कर्मचारियों के घरों पर हुई छापेमारी के बाद हुई।

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दिल्ली पुलिस द्वारा दी जानकारी के मुताबिक, प्रबीर पुरकायस्थ और न्यूजक्लिक के एचआर प्रमुख अमित चक्रवर्ती को भारत का विवादित नक्शा बनाने के लिए 115 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी फंडिंग मिली थी

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निकल रहा नक्सली कनेक्शन-

दिल्ली पुलिस के अनुसार न्यूजक्लिक को साल 2018 से ही अवैध तरीकों से करोड़ों रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त हुई है। इसके अलावा यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि, न्यूजक्लिक में शेयरधारक गौतम नवलखा ने प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के साथ काम किया था और आईएसआई एजेंट गुलाम नबी फई के साथ राष्ट्र विरोधी सांठगांठ थी। पुलिस के अनुसार, प्रबीर पुरकायस्थ को प्राप्त विदेशी धनराशि गौतम नवलखा और कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ सहित अन्य को भेजी गई थी।

कोरोना महामारी के दौरान फैलाई थीं झूठी कहानियां-

पुलिस ने कहा कि न्यूज क्लिक को मिले इन फंडों का इस्तेमाल सार्वजनिक जनजीवन को बाधित करने और किसानों के विरोध के माध्यम से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए भी किया गया था। इसके अलावा, प्रबीर पुरकायस्थ 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश में लगे हुए थे।

इसके साथ ही न्यूजक्लिक ने कोविड-19 महामारी को रोकने में केंद्र सरकार के प्रयासों को बदनाम करने के लिए एक झूठी कहानी भी भी प्रचारित की। ये झूठी कहानियां पीपुल्स डिस्पैच पोर्टल के माध्यम से फैलाई गईं। इस पोर्टल का मालिकाना हक न्यूजक्लिक के पास है, जिसे कि अवैध रूप से प्राप्त विदेशी फंड का उपयोग करके चलाया जाता है।

अभी और की जाएगी पूछताछ-

दिल्ली पुलिस की कोशिश है कि प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती की 15 दिनों की रिमांड मिल जाए जिसकी मांग करते हुए कहा कि उनसे करीब  4 लाख से ज्यादा ईमेल के बारे में पूछताछ करने की जरूरत है, जो प्रवर्तन निदेशालय ने न्यूजक्लिक कर्मचारियों से जब्त किए अलग अलग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से बरामद किये हैं। तथा दोनों आरोपियों से ईमेल पर हुई बातचीत के बारे में भी पूछताछ की जाएगी, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के बीच असंतोष पैदा करने की साजिश दिखाई गई है।

न्यूजक्लिक ने आधिकारिक बयान किया जारी-

Newsclick Raid के बाद वेबसाईट पर एक बयान प्रकाशित किया गया जिसमे कहा कि “हम एक स्वतंत्र न्यूज वेबसाइट हैं, हमारा पत्रकारीय कंटेंट इस पेशे के उच्च मानकों पर आधारित हैं। न्यूजक्लिक ऐसी कोई न्यूज या खबर प्रकाशित नहीं करता, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर चीन की किसी भी इकाई से जुड़ा हुआ हो, हम अपनी वेबसाइट पर चीन के किसी भी प्रोपेगेंडा का समर्थन नहीं करते, न्यूजक्लिक अपनी वेबसाइट पर प्रकासिथ किसी भी कंटेंट के लिए नेविल रॉय सिंघम से निर्देश नहीं लेता। हमारी सभी फंडिंग उचित बैंकिंग माध्यमों के जरिए और कानून के तहत है”

One thought on “Newsclick Raid: दिल्ली पुलिस का आरोप न्यूजक्लिक ने चलाया एजेंडा जिसमे चीन का गुणगान करने से लेकर कश्मीर व अरुणाचल को भारत से अलग दिखाया”

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