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नूह, 15 सितंबर:  नूह से कांग्रेस विधायक मामन खान की पिछले दिनों हुई हिंसा में गिरफ्तारी हो चुकी है जिसके बाद नूंह में एक बार फिर टेंशन का महोल बन गया है। जिसके चलते सतर्कता बरतते हुए प्रशासन ने 16 सितंबर तक जिले में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया इसके साथ ही पूरे जिले में धारा 144 भी लगा दी है। ताकि पहले जैसे हालात ना पैदा हो जाएं इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय से जुमे की नमाज घरों में पढ़ने की अपील भी की गई है। जिसको लेकर नूंह के उपायुक्त ने आदेश जारी किये है। जिसमें कहा गया है कि हरियाणा सरकार ने मोबाइल इंटरनेट और बल्क एसएमएस पर दो दिन के लिए रोक लगा दी है।

बता दें कि, नूंह हिंसा में लगे आरोपों के कारण ही मामन खान को राजस्थान के अजमेर से गुरुवार की रात गिरफ्तार किया गया। जिससे पहले, विधायक को नूंह पुलिस ने दो बार जांच में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन वह उसके सामने पेश नहीं हुआ था। विधायक ने यह कहकर 31 अगस्त तक पुलिस समन का पालन नहीं किया कि उसे वायरल बुखार है। जिसके बाद ही उसके खिलाफ यह कार्यवाही की  गई है मामन को नूंह कोर्ट में पेश किए जाने से पहले ही शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

गोरतलब है कि, 31 जुलाई को आयोजित बृजमंडल यात्रा पर हमले के बाद नूंह से गुरुग्राम तक सांप्रदायिक अलग-अलग जगहों पर हिंसा की घटनाएं घटित हुईं। जिसके चलते हिंसा में 6 लोगों की मौत हुई तो दर्जनों लोग जख्मी हुए। हालात पर काबू पाने के लिए कई दिनों तक जिले में इंटरनेट को बंद करना पड़ा और धारा-144 लगी रही। पहले मोनू मानेसर और अब मामन खान की गिरफ्तारी को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए धारा 144 लगाने का फैसला किया है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की जा रही है तो सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।

इसी कड़ी में इस हिंसा में मामन खान को अहम किरदार बताया जा रहा है। तथा सांप्रदायिक झड़पों के बाद दर्ज की गई एफआईआर में फिरोजपुर झिरका से कॉंग्रेस के विधायक मामन खान का नाम भी शामिल है। जिसके बाद से विधायक ने मंगलवार को अदालत का रुख कर गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की थी और दावा किया था कि उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है जबकि हिंसा भड़कने के दिन वह नूंह में था ही नहीं। जिसपर हरियाणा सरकार ने कोर्ट को बताया था कि नूंह हिंसा के बाद दर्ज प्राथमिकी में खान को आरोपी बनाया गया था, साथ ही दावा किया गया था कि पुलिस के पास आरोपों को साबित करने के लिए जरूरी सबूत जिसमे फोन कॉल रिकॉर्ड और व अन्य सबूत मोजूद हैं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को इसी मामले में कहा था, ‘अगर जांच के दौरान खान की संलिप्तता का पता चला तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।’ हरियाणा के अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक सभरवाल ने उच्च न्यायालय को बताया कि खान के खिलाफ सबूतों की जांच के बाद उन्हें चार सितंबर को आरोपी बनाया गया था। बाद में उन्होंने कहा कि खान के खिलाफ ‘पर्याप्त सबूत’ हैं।

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