Surya Grahan 2023

नई दिल्ली, मनीष कुमार  (Surya Grahan 2023) : श्राद्ध खत्म होने को हैं और अब 14 अक्टूबर यानि कि, शनिवार को श्राद्धों की पितृ अमावस्या पर ही इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। जो कि कंकड़ाकृति सूर्य ग्रहण होगा। जो भारतीय समय के अनुसार, शनिवार की रात 8 बजकर 34 मिनट पर शुरू होकर रात 2 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा।

Surya Grahan 2023

परंतु अन्य ग्रहणों कि तरह इस बार यह ग्रहण भारत के किसी भी स्थान में दिखाई नहीं देगा जिसकी वजह से यहां सूतक भी नहीं लगेगा तथा मंदिरों के कपाट भी पूजा अर्चना के लिए खुले रहेंगे। आपको बता दें कि हिंदू धर्म की मान्यता के मुताबिक ग्रहण के सूतक काल के दौरान न तो पूजा पाठ होती है और न ही कोई शुभ कार्य किया जाता है। यह सूतक ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले से ही शुरू हो जाता है।

दुनिया में यहाँ यहाँ दिखेगा ग्रहण-

भारत में Surya Grahan 2023 न दिखकर अमेरिका, समोआ, बरूनी, कंबोडिया, चीन, तिमोर, फिजी, जापान, मलेशिया, माइक्रोनेशिया, न्यूजीलैंड, सोलोमन, सिंगापुर, पापुआ न्यू गिनी, ताईवान, थाइलैंड, वियतनाम, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिणी हिंद महासागर, इंडोनेशिया, फिलीपींस और दक्षिणी पेसिफिक सागर आदि से ही देखा जा सकेगा।

 

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यह ग्रहण कन्या राशि और चित्रा नक्षत्र में लगेगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण का सभी राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ेगा। शास्त्रानुसार व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का प्रभाव शुभ नहीं माना गया है। ग्रहण जैसी घटनाओं से प्रकृति पर कुछ ना कुछ दुष्प्रभाव ही पड़ते हैं।

आखिर क्यों लगता है, सूर्य ग्रहण ?
खगोलशास्त्र के अनुसार, सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी जब एक ही सीध पर आ जाते हैं तो चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। दूसरे शब्दों में यह कह सकते हैं कि चंद्रमा पृथ्वी के कुछ हिस्से पर कुछ देर के लिए सूर्य की रोशनी बाधित करता है। इसे ही सूर्य ग्रहण कहते हैं।

 

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