मेरठ: चौधरी चरण सिंह उनीवर्सिटी का एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। जिसमे साल 2019 में इतिहास विषय में सबसे ज्यादा नंबर लाने पर कुलपति द्वारा गोल्ड मेडल पाने वाली छात्रा हिमानी पाल को उसी की ही यूनिवर्सिटी ने पीएचडी प्रवेश के इंटरव्यू में बिना कोई सवाल पूछे ही फेल कर दिया।

हिमानी न केवल गोल्ड मेडलिस्ट है, बल्कि उसने इतिहास के विषय से दो बार UGC Net भी पास किया है। जिसके कारण हिमानी को दिल्ली स्थित देशबंधु कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के इंटरव्यू के लिए भी चयनित किया जा चुका है इसके बावजूद भी विश्वविद्यालय में छात्रा को न्यूनतम 18 अंक भी नहीं दिए।

दरअसल सोमवार को इतिहास विभाग में पीएचडी के लिए शॉर्टलिस्टिड विद्यार्थियों का रिजल्ट जारी किया गया था, जिसमे हिमानी ने भी नेट के आधार पर आवेदन दिया था। लेकिन जब रिजल्ट आया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई जहां उसे चयन होने की उम्मीद थी वहीं उस सूची में उसका नाम तक नहीं था। जिसके बाद वह मंगलवार को यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंची।

हिमानी ने हमे बताया कि,  इंटरव्यू के दौरान पैनल ने एक सवाल तक नहीं पूछा। आखरी यह कैसे संभव हो सकता है कि, वह इंटरव्यू में न्यूनतम अंक भी हासिल नहीं कर पाए। हिमानी के मुताबिक चयनित सूची में ऐसे छात्र को इंटरव्यू में सबसे ज्यादा नंबर देकर टॉपर बनाया गया है, जिसने नेट तक पास नहीं किया है, हिमानी का इतिहास विषय में 7.75 सीजीपीए था।

मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रा को कार्यवाही का आश्वासन देते हुए इसकी जांच की बात कही है।

 

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